मार्बल मंदिर बनाने का प्रॉफिटेबल बिजनेस शुरू करें | How to Start Marble Temple Making Business
मार्बल मंदिर पूजा घर बनाने का बीजनेस शुरू करें, उत्पादन प्रक्रिया, निवेश, लाभ, लाइसेंस (Marble Temple making Business in Hindi) (Process, Machines, Price, Investment, Profit, License)
हिंदुस्तान में हजारों वर्ष से मंदिर सनातन धर्म एवं संस्कृति का प्रतीक रहा हैं। इसलिए सनातानिओ के घरों में पूजा कक्ष या मंदिर या पूजा घर का होना स्वाभाविक सी बात हैं। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता हैं और नकारात्मक स्पंदनों को दूर रखता हैं।
लोग अपने घरों में मंदिर बनाने के लिए लकड़ी, मार्बल, ग्रेनाइट आदि का उपयोग करते हैं। हालाँकि वास्तु-विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार घर मंदिर मार्बल का होना चाहिए।
मार्बल मंदिर बनाने का बिजनेस (Marble Temple Making Business) एक सदाबहार एवं लाभदायक बिजनेस हैं। चूँकि यह बिजनेस कभी कम नहीं होगा और आने वाले वर्षों में बहुत अधिक चलेगा, इसलिए इच्छुक उद्यमी इसे शुरू कर के मोटा लाभ काम सकतें हैं।
इस लेख में हम इस विषय पर उपयुक्त जानकारी साझा कर रहें हैं ।
मार्बल मंदिर बनाने का यह बीजनेस प्लान इस अवधारणा पर आधारित हैं की पहले से चली आ रही परम्परा से विपरीत इसमें उत्पादन मशीनों से होगा, छीनी-हथौड़ों से नहीं!

मार्बल मंदिर बनाने का बिजनेस क्या हैं | What is Marble Temple Making Business?
इस प्रॉफिटेबल बिजनेस में अच्छे किस्म के मार्बल की सिल्लीओं से (Marble Slabs) मंदिर के स्तम्भ (Pillars), मेहराब (Arch), तोरण (Festoon), जालियाँ (Screens), गुम्बज (Dome), कलश, और दराज़ (Drawer) आदि विभिन्न पुर्जों को अलग अलग प्रक्रिया से बनाकर अंत में उचित ढंग से आपस में जोड़ा जाता हैं। मार्बल घर मंदिर अखण्ड नहीं होता हैं। नक्काशी, मिनाकारी, रंगों का प्रयोग कर के मंदिर को सुंदर बनाया जाता हैं।
चूँकि हमारे देश में सनातानिओ की पूजा परम्परा में अत्यधिक विविधता पाई जाती हैं, इसलिए देश के अलग अलग राज्यों में बनने और बिकने वाले मार्बल मंदिरों में भी विविधता पाई जातीं हैं। इस बिजनेस में इस बात का ध्यान रखा जाता हैं की ग्राहकों की संस्कृति एवं पसंद के अनुसार मंदिरों के डिजाइन एवं नक्काशी, कार्विंग, रंग आदि हों।
मार्बल मंदिर के डिजाइन प्रकार | Marble Temple Design Types
मूल रूप से मार्बल पूजा घर के निम्न 6 प्रकार मार्केट में पाएं जातें हैं।
1. बेसिक डिजाइन
इस अत्यधिक सरल डिजाइन में कम से कम नक्काशी , कार्विंग की होती हैं और पीछे के 2 स्तम्भ या तो होते नहीं हैं या होते भी हैं तो पिछले हिस्से के साथ अखण्ड होतें हैं। सस्ता करने हेतू जाली भी हटाई जाती हैं। ऐसे मंदिरों के 4 पाँव भी होतें हैं क्योंकी इन्हें फर्श पर स्थापित किया जाता हैं।

2. दीवार में लगने वाले मंदिर
चूँकि ये दीवारों में लगाएं जातें हैं इसलिए ये छोटे होतें हैं और थोड़े सस्ते भी।

इनकी नक्काशी, कार्विंग, स्तम्भ आदि में भिन्नता हो सकती हैं और तदनुसार इनकी कीमतें भी अलग अलग हो सकती हैं।


3. मीनाकारी वाले मंदिर
इन मंदिरों में पिछले हिस्से में और मेहराब के उपर मीनाकारी की जाती हैं क्योंकी यह हिस्से सपाट होतें हैं।

मीनाकारी की वजह से इन मंदिरों की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं। साथ में अत्यधिक महीन कार्विंग हो तो क्या कहना! ऐसी खूबसूरती तो देखते ही बनती हैं!

4. दो से अधिक स्तंभों वाले मंदिर
मंदिर के सामने वाले हिस्से में कईं स्तम्भ हो सकते हैं। विशेष रूप से जहाँ कईं मूर्तियों को रखने हेतू ज्यादा चौड़ाई की आवश्यकता होती हैं तब ऐसे मंदिर बनाएं जातें हैं।

स्तंभों की संख्या अधिक होने की वजह से मेहराब और गुम्बजों की संख्या भी बढ़ जाती हैं। इन मंदिरों का वजन भी ज्यादा होता हैं और कीमत भी!

5. तोरण वाले मंदिर

ऐसे मंदिरों में मेहराब की जगह तोरण होते हैं। तोरण पर चारों ओर कार्विंग की जातीं हैं। इन्हे बनाने में ज्यादा खर्च आता हैं। परंतु इनकी वजह से सुंदरता में बढ़ोतरी निश्चित ही होती हैं।
6. कार्विंग वाले मंदिर
इन मंदिरों की विशेषता यह हैं की जहाँ भी कार्विंग के उपयुक्त जगह मिलती हैं वहाँ कार्विंग की जाती हैं। उपर-नीचे , आगे-पीछे हर तरफ महीन सुंदर कार्विंग के चलते यह मंदिर अत्यधिक सुंदर दिखते हैं।

इस मंदिर का मेहराब जाली वाला हैं और स्तम्भ भी बहुत महीन कार्विंग लिए हुए हैं जो इसे बहुत खूबसूरत बनाते हैं।

इस मंदिर में उपर (Top), नीचे (Bottom), सामने (Front) की ओर एवं स्तंभों (Pillars) पर बहुत कार्विंग की गई हैं।

गौरतलब हैं की यह सारी नक्काशी , कार्विंग, कटिंग 3-एक्सिस और 4-एक्सिस राउटर मशीन से आसानी से और सटीकता से की जाती हैं।
मार्बल मंदिर की कीमत | Marble Temple Prices
देश की प्रमुख मण्डियों में मार्बल मंदिर की कीमतें रु 500 से ले कर रु 100000 पाई जातीं हैं। मंदिरों की कीमतें साइज़, नक्काशी की बारीकियाँ (शिल्पकारी), कलात्मक रंग और मार्बल की क्वालिटी के अनुसार होती हैं।
उदाहरण के लिए 24”x18”x10” साइज़ का मार्बल मंदिर लगभग रु 9-10 हजार में ऑनलाइन अमेजॉन (Amazon) पर मिलता हैं। आधिक नक्काशी एवं मिनाकारी वाला 15”x11”x15” का मार्बल मंदिर फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर रु 17000 में मिलता हैं।
महंगे मंदिर न केवल साइज़ में बड़े होते हैं बल्कि मकराना, विएतनाम (Vietnam) या इतालवी (Italian) मार्बल से बने होतें हैं और उनमे अधिक कार्विंग, इनले (Inlay) और कलात्मक रंग होते हैं।
मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस के लिए आवश्यक पंजीकरण | Registration for Marble Temple making Business
इस बिजनेस के लिए निम्न पंजीकरण आवश्यक हैं:
- अपने पसंदीदा नाम पर एकल स्वामित्व वाली (Sole Proprietorship) फर्म बनाएं। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बना सकते हैं परंतु यह ज्यादा खर्चीला होता हैं। आवश्यक हों तो चार्टर्ड अकाउन्टन्ट की सलाह अवश्य लें।
- चूँकि उद्योग का GST रजिस्ट्रेशन करवाना फायदेमंद रहता हैं इसलिए यह पंजीकरण अवश्य करें।
- सरकार के एमएसएमई (उद्यम) पोर्टल पर जा कर वहाँ फॉर्म में आवश्यक जानकारी भर कर ऑनलाइन उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर (Udyam registration Number) प्राप्त करने हेतू आवेदन करें। अतीत में यह ‘उद्योग आधार’ इस नाम से जाना जाता था।
मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस के लिए स्थान का चयन | Land Requirements for Marble Temple making Business
इस बिजनेस के लिए स्थान का चयन बहुत अधिक महत्वपूर्ण नहीं हैं। परंतु जगह ऐसी होनी चाहिए जहाँ पानी, बिजली एवं यातायात की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों।
जहाँ तक जगह का सवाल हैं तो 1200 स्क्वेर फुट से 1500 स्क्वेर फुट जगह पर्याप्त होगी। जहाँ तक हो सकें जगह को विभिन्न हिस्सों में विभाजित करें ताकि काम करने में सुविधा हों और उत्पादकता में वृद्धि हों।
मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस में पूंजी निवेश | Capital Investment in Marble Temple making Business
यदि मशीनों का इस्तेमाल करते हैं तो मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस में कूल निवेश रु 20,10,000 रहेगा।
1. कूल पूंजी निवेश
| 3-एक्सिस मार्बल राउटर मशीन | रु 4,00,000 |
| 4-एक्सिस मार्बल राउटर मशीन | रु 13,00,000 |
| मार्बल कटिंग के लिए टूलिंग | रु 1,00,000 |
| डेस्कटॉप कंप्युटर, डिजाइन सॉफ्टवेयर, फर्निचर एवं विभिन्न फिक्स्चर | रु 1,50,000 |
| हैन्ड मार्बल कटर, हैन्ड डाई ग्राइन्डर, हैन्ड ऐंगल कटर, हार्डवेयर आदि | रु 60,000 |
| कूल योग | रु 20,10,000 |
2. कूल प्रति माह खर्च
| कच्चा माल (मार्बल) | रु 4,61,000 |
| निवेश पर ब्याज @ 12% | रु 25,000 |
| वेतन | रु 89,000 |
| बिजली बिल | रु 13,000 |
| जगह का किराया | रु 20,000 |
| अन्य | रु 20,000 |
| कूल योग | रु 6,28,,000 |
3. कूल प्रति माह बिक्री
| मंदिर बिक्री (Sales) | 80 |
| मंदिर की औसत बिक्री कीमत (Average Sales Price) | रु 9,500 |
| कूल मासिक बिक्री (Monthly Sales Value) | रु 7,60,000 |
| कूल योग | रु 7,76,000 |
मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस से प्रॉफ़िट | Marble Temple Making Business Profit
यदि अच्छी सूझ-बुझ के साथ पेशेवर तरीके से किया जाए तो यह Marble Temple Making Business लगभग 20 लाख रुपए के शुरुआती निवेश पर 16 लाख रुपए का सालाना प्रॉफ़िट अर्जित कर सकता हैं।
इससे भी अधिक लाभ कमाने की असीम संभावनाएं इस बिजनेस में हैं यदि मार्केट की धड़कन अच्छी तरह से समझ ली जाएं और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में भी पैंठ बना ली जाएं ।
| कुल प्रती माह बीक्री | रु 7,76,000 |
| कुल प्रती माह खर्च | रु 6,23,000 |
| कुल मासिक लाभ | रु 1,37,000 |
| कुल सालाना लाभ | रु 16,44,000 |
मार्बल मंदिर की मैन्युफेक्चरिंग प्रक्रिया क्या हैं ? | Manufacturing Process of Marble Temple making Business
मार्बल मंदिर की मैन्युफेक्चरिंग कईं चरणों में सम्पन्न की जाती हैं:
- मार्बल की उचित साइज़ की सिल्लियों को Araldite का प्रयोग कर के एक दूसरे से चिपकाई जाती हैं जिससे स्तंभों को (Pillars) बनाया जा सकें. 3-D डिजाइन के अनुसार CNC प्रोग्राम बनाकर 4-एक्सिस मशीन का इस्तेमाल कर के स्तम्भ बनाए जातें हैं। मशीन से बनाने में समय की बचत तो होती ही हैं, साथ में सारे स्तम्भ एकसमान सटीकता के साथ और अच्छी फिनिशिंग वाले बनतें हैं।
- मार्बल की सिल्लीओं से 3-एक्सिस मशीन की मदद से दाएं और बाएं साइड में लगी जालियाँ डिजाइन के अनुसार बनाई जाती हैं।
- पिछला हिस्सा 3-एक्सिस मशीन की मदद डिजाइन के अनुसार उचित आकार में काटा जाता हैं। आवश्यक हो तो कार्विंग भी की जाती हैं। मीनाकारी हेतू गड्ढे (Grooves) भी बनाएं जातें है।
- साइज़ और डिजाइन के अनुसार दराज़ (Drawers) काटें जाते हैं । इसमें 3-एक्सिस मशीन मददगार साबित होतीं हैं।
- मेहराब (Arch) और तोरण (Festoon) की कटाई एवं कार्विंग 3-एक्सिस मशीन से की जाती हैं।
- कलश 4-एक्सिस मशीन पर बनता हैं ।
- सारे पूर्जें पूरी तरह से बन जाने पर Araldite से चिपका दिए जाते हैं।
मार्बल मंदिर बनाने के बिजनेस की मैन्यूफेक्चरिंग रणनीति | Manufacturing Strategy in Marble Temple making Business
- विभिन्न प्रकार के मार्बल मंदिरों के डिजाइन और उनके 3-डी मॉडल बनाने के अच्छे स्त्रोतों को खोजें
- CNC program में रचनात्मकता का इस्तेमाल कर के production cycle time घटाने के रास्ते खोजें । कम समय में ज्यादा production होगा। यानि की और अधिक लाभ।
- जो मंदिर डिजाइन पारंपरिक तरीके से बनाने में ज्यादा समय लगता हैं या अधिक मुश्किल हों वैसे मंदिर बनाने पर जोर दें
- मंदिरों को सबसे अधिक आकर्षक बनाता हैं मार्बल की गुणवत्ता, सुंदर नक्काशी/मीनाकारी, बारीक तपसील वाले कार्विंग और पॉलीश। इन्हें सुंदर एवं मार्केट की जरूरत के अनुसार बनाएं।
- अच्छी क्वालिटी का CNC टूलिंग इस्तेमाल करें। इससे production speed बढ़ती हैं और उच्च कोटी की फिनिशिंग मिलती हैं।
- नंबर 1 वाला मकराना मार्बल ही इस्तेमाल करें क्योंकी इसका रंग बहुत अधिक सफेद होता हैं और इसमें crystal भी होतें हैं जो चमकते हैं और मंदिर की सुंदरता को चार चाँद लगा देते हैं।
मार्बल मंदिर बिजनेस में मार्केटिंग कैसे करें | Manufacturing Strategy in Marble Temple Making Business
ये हैं मार्केटिंग के कुछआइडियाज
- ग्राहकों की पसंद, मूर्तियाँ खरीदने के संबंध में उनकी मानसिकता, वे कारक जो उन्हें मंदिर खरीदनें के लिए बाध्य करतें हैं, अन्य प्रतिस्पर्धी, ग्राहकों को लुभाने की प्रतिस्पर्धियों द्वारा अपनाई गई युक्तियाँ आदि विषयों से अपने आप को भलीभाँति अवगत कराएं।
- अपने बिजनेस के प्रभाव का दायरा बढ़ाने हेतु अच्छे रणनीतिक भौगोलिक क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर नियुक्त करें।
- अपने व्यवसाय का अच्छा सा गूगल बिजनेस प्रोफाइल (Google Business Profile) बनाएं, इससे आपकी ऑनलाइन दृश्यमानता (Visibility) बढ़ेगी।
- अपनी एक सुंदर और ग्राहकलक्षी वेबसाईट बनवाएं जहाँ से ब्रांडिंग की जा सकें।
- सोशल मीडिया पर पेज बनाकर उस पर अपने मंदिरों की जानकारी नियमित रूप से साझा करतें रहें। इससे भी आपको अपना ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी।
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प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: मार्बल मंदिर बनाने का बिजनेस क्या हैं?
मार्बल के छोटे टुकड़े या सिल्लियाँ 3-एक्सिस मशीन से काट कर और 4-ऐक्सिस मशीन से डिजाइन वाले गोलाकार स्तम्भ बनाकर , कार्विंग (carving) कर के विभिन्न पार्ट्स को Araldite से जोड़कर घर मंदिर बनाएं जातें हैं। इसमे नक्काशी, मीनाकारी एवं रंगों से पेंटिंग की जाती हैं और ग्राहकों को बेचे जातें हैं।
Q2: क्या मार्बल मंदिर का बिजनेस लाभदायक हैं?
लगभग 20 लाख रुपए की शुरुआती लागत से इस बिजनेस से सालाना 16 लाख रुपए जितना तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता हैं इसलिए यह बिजनेस लाभदायक हैं।
Q3: मार्बल मंदिरों की कीमतें क्या होतीं है?
साइज़, नक्काशी की बारीकियाँ (शिल्पकारी), कलात्मक रंग और मार्बल की क्वालिटी के अनुसार मार्बल मंदिर की कीमत 500 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक हो सकती हैं।



